शादी के बाद भी मास्टरबेशन- कितना सही, कितना ग़लत!

ऐसे बहुत से लोग हैं जो शादी के बाद भी हस्तमैथुन करते हैं लेकिन वो खुलकर किसी को यह बात कहते नहीं हैं, क्योंकि उन्हें खुद भी यही लगता है कि वो कुछ ग़लत कर रहे हैं या अपने पार्टनर के साथ ग़लत कर रहे हैं. ऐसे में आइए जानने की कोशिश करते हैं कि शादी के बाद मास्टरबेट करना कितना सही है और कितना ग़लत.

शादी के बाद भी मास्टरबेशन- कितना सही, कितना ग़लत!

मास्टरबेशन आपको अपने शरीर और सेकसुअल ज़रूरतों को बेहतर तरीक़े से समझने में मदद करता है.

शादी के बाद मास्टरबेशन करने का यह बिल्कुल अर्थ नहीं है कि आपकी सेक्स लाइफ सही नहीं और ना ही शादी के बाद मास्टरबेशन से आपकी सेक्स लाइफ पर बुरा असर होता है.
बल्कि यह इस बात का संकेत है कि आपकी सेक्स लाइफ ज़्यादा एक्टिव और हेल्दी है. यह दर्शता है कि आप सेकसुअली हेल्दी हैं.

महिलायें शुरू शुरू में सेक्स में सहज नहीं हो पातीं और ना ही वो ऑर्गैज़्म प्राप्त कर पाती हैं, ऐसे में मास्टरबेशन उन्हें तनाव से छुटकारा दिलाकर रिलैक्स फील कराता है.

मास्टरबेशन से आप अपने शरीर और प्लेज़र पॉइंट्स को बेहतर तरीक़े से समझ पाते हैं जिससे आप सेक्स के दौरान अपने पार्टनर को यह बता सकते हैं कि आपको क्या ज़्यादा एक्साइटिंग लगता है, कौन से पार्ट को छूने से ज़्यादा उत्तेजित महसूस करते हैं.

अगर पार्टनर से दूर हैं तो मास्टरबेशन से खुद को संतुष्ट करना बेहतरीन होता है ताकि आप ग़लत रिश्तों में या अवैध सम्बंधों की गिरफ़्त में ना आ जाएँ.

बहुत से कपल तो सीधे सेक्स ना करके एक दूसरे को मास्टरबेशन से ही संतुष्ट करने में ज़्यादा आनंद महसूस करते हैं.

कुछ देश तो ऐसे हैं जो युवाओं को नियमित रूप से मास्टरबेशन के लिए एजुकेट करते हैं ताकि युवा ग़लत रास्तों पर ना भटकें.

दरअसल मास्टरबेशन से आप अकेले में खुद को प्यार करके संतुष्ट कर सकते हैं जिससे आपके सेक्स की तीव्र इच्छा भी पूरी होती है और एक संतुष्टी का आभास भी होता है. ऐसे में एक्सपर्ट्स मास्टरबेशन को और शादी के बाद भी मास्टरबेशन को ग़लत नहीं बल्कि हेल्दी ही मानते हैं.

मास्टरबेशन आपकी सेक्स लाइफ को बेहतर बनाता है क्योंकि आपको अपने शरीर व उसकी ज़रूरतों की अब बेहतर जानकारी होती है और यही जानकारी आपको बेहतर सेक्स के अनुभव की दिशा में काम आती है.
यह अलग बात है कि हमारे समाज में अब भी यह सोच विकसित नहीं हुई और ख़ासतौर से लड़कियों के मास्टरबेशन को लेकर तो संकुचित सोच बरक़रार है. लेकिन पार्टनर्स को चाहिए कि इन बातों से ऊपर उठें और सहज चीज़ों को स्वभाविक व सहज ही मानें.

एक्सपर्ट्स की माने तो सेक्स और मास्टरबेशन दोनों ही अलग अलग चीज़ें हैं. बेहतर होगा कि पति-पत्नी इस विषय पर आपस में खुलकर बात करें, रोमांस और सेक्स व शरीर की ज़रूरतों के बीच के अंतर को पहचाने और बेहतर सेक्स लाइफ को एंजॉय करें.