आइये जानते है की सबसे ज्यादा 'भारतीय' चीज़ क्या है?

सबसे भारतीय चीज की बात करे तो उत्तर इतना लंबा हो जाएगा कि हम ख़त्म भी नहीं कर पाएंगे क्योकि हमारे यहाँ हर चीज भारतीय है। भारतीयता भावना है और संस्कार है। कुछ चीजें जो बिल्कुल भारतीय हैं

आइये जानते है की सबसे ज्यादा 'भारतीय' चीज़ क्या है?
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फर्क नही पड़ता कि आपकी उम्र क्या है या आप कितने बड़े शहर में हैं,अगर हवाई जहाज की आवाज सुनकर आप सबकी नजरे चुराकर एक बार आसमान की ओर देख ही लेते हैं, तो आप आप दिल से हिंदुस्तानी हैं।

मुट्ठीभर मटर आप मटर का रेट पूछते -पूछते ही खा जाते हों, तो आप दिल से हिंदुस्तानी हैं।

रेलवे स्टेशन पर भले ही ट्रेन दो घंटे लेट आने वाली हो पर आप के दिल में अगर बेवजह ये डर रहता हो कि ट्रेन कहीं छूट न जाय, तो आप दिल से हिंदुस्तानी हैं।

नारियल लेते वक्त आप उसे हिलाकर ये पता करने की कोशिश करते हैं कि वो अन्दर से सड़ा तो नही है, तो आप दिल से हिंदुस्तानी हैं।

ट्रैफिक जाम में आप कार या बाइक का हॉर्न ये सोचकर बजाते हैं कि इससे अगला अपनी गाड़ी जल्दी आगे बढ़ा लेगा, तो आप दिल से हिंदुस्तानी हैं।

किलोभर सब्जी लेने के बाद मुट्ठीभर मुफ्त धनिया-मिर्च मिलना आपको आपका जन्मसिद्ध अधिकार लगता है, तो आप दिल से हिंदुस्तानी हैं।

नए साल की शुरुआत होने से तीन दिन पहले से अगर आप घरवालों को “वो अखबार के साथ कैलेण्डर आएगा,गुमा मत देना” वाली हिदायत देने लगते हैं, तो आप दिल से हिंदुस्तानी हैं।

शॉपिंग मार्ट से सामान खरीदने के बाद अगर आप सारा सामान कम से कम पोलीबैग में भरवा लेते हैं,इसलिए नही कि आप पर्यावरण हितैषी हैं सिर्फ इसलिए कि आपको पॉलिथीन के तीन रूपए अलग से न देने पड़ें तो आप दिल से हिंदुस्तानी हैं।

नए साल के पंद्रह दिन बाद आप अपनी जान-पहचान वाले गुप्ता जी की दुकान से लौटते-लौटते “इस साल कैलेण्डर नही छपवाया क्या गुप्ता जी?” पूछ ही मारते हैं तो आप दिल से हिंदुस्तानी हैं।

फेसबुक पर ‘ड्राई होली’ या ‘सेव वाटर’ लिख होली के दिन आप भले ही पलंग के नीचे छुप जाएं पर सुबह-सुबह से पुरानी जींस और टी-शर्ट पहनने के पहले जी-भर के सरसों का तेल ये समझ कर लगाते हैं कि अगर गलती से कोई रंग डाल भी गया तो जल्दी छूटेगा,पर दोपहर होते-होते हाथ में गुब्बारे लिए मुहल्ले भर को रंग चुपड़ ही आते हैं, तो आप दिल से हिंदुस्तानी हैं।

डिश टीवी के एंटीने को अगर आप छतरी कहते हैं, तो आप दिल से हिंदुस्तानी हैं।

घर से निकलने से पहले आपने लाख बार खुद को देखा हो पर राह चलते पान के ठेले से लेकर शोरूम के कांच तक में खुद को देखकर बालों पर हाथ फेरने से खुद को नही रोक पाते तो आप दिल से हिन्दुस्तानी हैं।

सर्दियों में अँधेरे से किसी को काले पुलोवर पहन कर आते देख आपको तमराज किल्विस का ‘अँधेरा कायम रहे याद आता है’ तो आप दिल से हिन्दुस्तानी हैं।

टूथपेस्ट ख़त्म होने पर ट्यूब को पीछे से आगे तक बार-बार दबाकर ट्यूब की गर्दन से पेस्ट निकाल “अभी तो इसमें दो दिन काम चल जाएगा” सोचते हों तो आप दिल से हिंदुस्तानी हैं।

ऑफिस के लिए लाख देर हो रही हो पर बिल्ली के रास्ता काटते ही आप गाड़ी रोककर किसी के पहले निकल जाने का इन्तजार करते हैं तो आप दिल से हिंदुस्तानी हैं।

बगल वाले के मोबाइल या कंप्यूटर पर आप नजर बचाकर सिर्फ ये देखना चाहते हैं कि अगला मैसेज किसको कर रहा है तो आप दिल से हिंदुस्तानी हैं।

कोई फर्क नही पड़ता आप कहाँ हैं और वो कहाँ बज रहा है पर राष्ट्रगान सुनकर आप वही पर खड़े हो जाते हैं और आपके रोंगटे भी खड़े होने लगते हैं तो आप दिल से हिंदुस्तानी हैं।

भले ही थोड़े मज़ाकिया लगे होंगे कुछ, पर भारतीय होने पर हमें गर्व है…